विवरण
और पढो
मेरी रचना में आप सबसे पहले यही सुनते हैं। आप सुनते हैं कि एक अभिनेता मंच पर आता है और कहता है, “एक समय की बात है, एक सच्ची शांतिप्रेमी शाश्वत आनंद की खोज में अनेक लोकों में भटकती रही। वह पृथ्वी, सूर्यों, चंद्रमाओं और बादलों के ऊपर चली। हां अंततः उन्होंने पाया कि वह तो हर समय उनके अपने हृदय में छिपा था।”











