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बुद्ध सम्राट लोज़ की सुप्रीम मास्टर चिंग हाई (वीगन) से भेंट 15 जून, 2026 सभी सुंदर आत्माओ, मैं अन्य बुद्ध-लोकों के सुदूर बुद्ध सम्राटों से हुई सभी वार्ताओं को व्यवस्थित करने की कोशिश कर रही हूँ तथा ज्यादा से ज्यादा ये कर सकती हूँ कि इन्हें आप सबके लिए अधिक स्पष्ट और सुबोध बनाने हेतु मैं कहीं-कहीं कुछ शब्द ही जोड़ सकती हूँ। कृपया समझें कि मैं सचमुच अत्यंत व्यस्त हूँ। यदि मैं इन्हें और व्यवस्थित करने की कोशिश करती रही, तो इसमें अनंत समय लग जाएगा। इसलिए मैं बुद्ध सम्राटों से हुई भेंटों को एक-एक करके भेजूँगी। कुछ वार्ताएँ छोटी हैं, क्योंकि इस परियोजना की शुरुआत में मुझे ठीक से पता नहीं था कि क्या पूछना चाहिए। इसलिए अब मेरे पास जो भी रिकॉर्डिंग है, वही भेज रही हूँ; कम-से-कम यह कुछ न होने से तो बेहतर है। वैसे भी, बुद्ध सम्राटों से हुई कुछ वार्ताएँ अन्य से छोटी अवश्य हैं, पर उनके अधिकांश बुद्ध-लोकों का स्वरूप, गुणवत्ता, आशीर्वाद और कृपा समान हैं। इसलिए यदि आप एक बुद्ध-लोक को जान लें, तो दूसरे की भी कल्पना कर सकते हैं। प्रत्येक बुद्ध सम्राट का आशीर्वाद और कृपा अलग होती है। इसलिए यहाँ जिन बुद्ध सम्राटों का मैं परिचय दे रही हूँ, संभवतः आप उनमें से किसी एक को अपना गुरु चुनना चाहेंगे। बस उनका नाम जपें और उन्हें सम्राट, बुद्ध या गुरु कहकर पुकारें। तब वे अपने संकल्प के अनुसार आपको आशीर्वाद देंगे। अतः वार्ता छोटी हो या लंबी, उसे उसी रूप में स्वीकार करें। अन्यथा, संभव है कि वह आपके सामने कभी आए ही नहीं। इस समय भी मैं नहीं जानती कि इतने समय से प्रतीक्षा कर रहे सभी बुद्ध सम्राटों से बात कर पाऊँगी या नहीं। इसलिए जो उपलब्ध है, उसे स्वीकार करें। इस परियोजना की पहली भेंट, पा—पी-ए—नामक बुद्ध-लोक के महामहिम बुद्ध सम्राट लोज़—एल-ओ-ज़ेड—से है। पा बुद्ध-लोक के महामहिम बुद्ध सम्राट लोज़, क्या आप अपने लोक में घर पहुँच चुके हैं? “नहीं।” क्या आप बता सकते हैं कि क्यों? बुद्ध सम्राट लोज़ अपने लोक नहीं पहुँचे हैं, क्योंकि शांति बुद्ध सम्राट ने उनसे पृथ्वी पर कुछ और समय रुकने को कहा है। लोज़ का अर्थ है, “भय से पूर्ण मुक्ति।” उनके बुद्ध-साम्राज्य का नाम पा है, जिसका अर्थ है, “कर्म से मुक्त।” वैसे, हमारी पृथ्वी से अपने घर लौटने में आपको कितना समय लगता है? यहाँ से बुद्ध सम्राट लोज़ के बुद्ध-लोक तक पहुँचने में “दो महीने और 15 दिन लगेंगे। निस्संदेह, यह यात्रा भौतिक यात्रा से अलग है। भौतिक साधनों से” बुद्ध सम्राट लोज़ के लोक तक पहुँचना संभवतः असंभव होगा। महोदय, यहाँ से आपका लोक कितनी दूर है? यहाँ से बुद्ध सम्राट लोज़ का बुद्ध-लोक “छह अरब सत्तर करोड़ से अधिक प्रकाश-वर्ष दूर है।” यहाँ या कहीं और आने-जाने के लिए आप किस प्रकार के यान का उपयोग करते हैं? क्या यूएफ़ओ जैसा कोई यान? “हाँ।” बुद्ध सम्राट लोज़, आप हमारे ग्रह पर कितने समय तक रुकना चाहते हैं? बुद्ध सम्राट लोज़ हमारे ग्रह पर 12 दिन रुकना चाहते हैं, यहाँ के कठोर और भारी वातावरण से अपनी तथा अपने साथ आए दल की रक्षा के लिए उनके पास विशेष उपकरण हैं। सर्वशक्तिमान परमेश्वर आपकी और आपके दल की इस लंबी यात्रा तथा भावी सभी गतिविधियों में रक्षा करें और आशीर्वाद दें। आमीन। हमारे संसार में पधारने, आशीर्वाद देने और उपहार लाने के लिए आप सभी का पुनः धन्यवाद। यदि इस संसार का कोई व्यक्ति बुद्ध सम्राट लोज़ में सच्ची श्रद्धा रखता है और एक कर्म-मुक्त जीवन के लिए श्रद्धापूर्वक उनका पवित्र नाम स्मरण कर उसका जाप करता है, तो वह पा बुद्ध-लोक में पुनर्जन्म ले सकता है। हम परमेश्वर की कृपा से आपके सभी संतस्वरूप नागरिकों के लिए भी सर्वोत्तम मंगल की कामना करते हैं। आमीन। महामहिम बुद्ध सम्राट सो की सुप्रीम मास्टर चिंग हाई (वीगन) से भेंट आह, आज शायद 16 तारीख है। शांति बुद्ध सम्राट ने मुझे संदेश भेजकर कहा, “क्या आप कृपया बुद्ध सम्राट सो से मिल सकती हैं?” अवश्य, अवश्य। कृपया भीतर आइए। कृपया प्रवेश कीजिए। आपको प्रणाम, महामहिम बुद्ध सम्राट सो। एस-ओ। आप कहाँ से आए हैं? “रूप—आर-यू-पी—से।” क्या वह कोई ग्रह है? क्या वह कोई साम्राज्य है? हाँ? क्या वह अमिताभ बुद्ध के लोक जैसा है? हाँ? जी। तो आप भी बुद्धों में से एक हैं। महामहिम, आपका स्वागत है। मुझे क्षमा करें। हाल में मैं बहुत अधिक काम कर रही थी, इसलिए आपके पहुँचते ही आपका अभिवादन नहीं कर सकी। आप हमारे ग्रह पर कितने समय से हैं? कितने दिन से? ओह, आप अभी-अभी पहुँचे हैं। आपका बुद्ध-लोक हमसे कितनी दूर है? “हमारे ग्रह से नौ अरब नौ सौ हज़ार मिलियन से अधिक प्रकाश-वर्ष दूर।” आपके लोक में कितने नागरिक या शिष्य हैं? “उनसठ लाख से अधिक नागरिक।” क्या आपके लोक की गुणवत्ता, दीप्ति और सुंदर दिव्यता की तुलना लगभग अमिताभ बुद्ध के लोक से की जा सकती है? “हाँ।” हमारे इस साधनहीन संसार में आने के लिए धन्यवाद। यहाँ आपको पेश करने के लिए कुछ भी नहीं है; या हमने आपको स्वागत का अनुभव तक नहीं कराया और आपके लिए कोई भव्य स्वागत समारोह भी नहीं रखा। हमें क्षमा करें। “कृपया चिंता न करें, यह हमारे लिए कोई महत्त्वपूर्ण बात नहीं है। आपको साक्षात् देख पाना ही हमारा परम सौभाग्य है…” महोदय, आप कितने समय तक रुक सकते हैं? “पंद्रह दिन रुक सकता हूँ।” आपका नाम “सो” है। क्या हमारे ग्रह पर इसका कोई अर्थ है? “नहीं।” आपके देश ‘नाई’ के नाम का अर्थ “सुरक्षा” या “संरक्षण” है? “सुरक्षा।” “यात्रा का उद्देश्य: शांति का समाचार देना, बधाई देना और इस ग्रह के लिए एक उपहार लाना।” धन्यवाद, महोदय। यहाँ तक की यात्रा में आपको कितना समय लगा? “यहाँ पहुँचने में पृथ्वी के समय के अनुसार साढ़े सात महीने लगे।” यहाँ आने के आपके असाधारण प्रयास के लिए धन्यवाद। मैं अत्यंत कृतज्ञ और भावविभोर हूँ। परमेश्वर आपको सदा आशीर्वाद दें और आपको तथा आपके नागरिकों को सर्वोत्तम वरदान प्रदान करें। बुद्ध सम्राट सो एक उपहार लाए हैं। महोदय, वह उपहार किसलिए है? “सुरक्षा के लिए।” क्या वह सुरक्षा केवल मेरे लिए है या इस ग्रह, इस संसार के लिए? “इस संसार के लिए।” इस ग्रह के सभी प्राणियों की ओर से, महामहिम बुद्ध सम्राट सो, आपका धन्यवाद। “युद्ध के कर्म से सुरक्षा।” इसका अर्थ है कि आप इस ग्रह के नागरिकों और सभी प्राणियों की शांति में योगदान दे रहे हैं। क्या यह सही है, महोदय? “हाँ।” आपके जाने के बाद, यदि मुझे कोई आवश्यकता हो तो क्या हम आपसे संपर्क कर सकते हैं? “हाँ।” क्या सुरक्षा का यह उपहार सभी के लिए है? “उन सभी के लिए, जो युद्ध से सुरक्षा की सच्चे मन से प्रार्थना करते हैं,” बुद्ध सम्राट सो उनकी रक्षा में सहायता करेंगे। क्या कोई ऐसा सौभाग्यशाली प्राणी है, जो आपकी कृपा से आपके लोक में आकर निवास कर सके? हाँ या नहीं? “नहीं”? क्या आप बता सकते हैं कि क्यों? “इस ग्रह से कोई भी सुरक्षा-लोक नहीं जा सकता, क्योंकि उनके पास पर्याप्त पुण्य नहीं है। इसके लिए क्षमा करें।” आप हमारे ग्रह पर कितने समय तक रुक सकते हैं? नहीं? आपको तुरंत जाना होगा, है न? “हाँ।” क्या आप हमें बता सकते हैं कि क्यों? बुद्ध सम्राट सो के यहाँ रुकने के लिए “इस संसार का कर्म अत्यंत भारी है।” महोदय, आप अकेले आए हैं या अपने दल के साथ? सम्राट सो अपने राजदरबार की सर्वोच्च परिषद के कुछ सदस्यों के साथ आए थे। अब प्रस्थान का समय है। इस ग्रह पर आपको हुई असुविधा और कष्ट के लिए हम फिर क्षमा माँगते हैं। आपकी घर वापसी की यात्रा अधिक सुखद, आनंदमय और सुरक्षित हो। धन्यवाद, महोदय। परमेश्वर आपको और आपके शिष्यों या नागरिकों को सर्वोत्तम वरदान प्रदान करें। कोई आवश्यकता होने पर हम आपसे बाद में संपर्क कर सकते हैं। आपसे और आपके अद्भुत नागरिकों से बहुत प्रेम है। आपको और आपके प्रियजनों को परमेश्वर का प्रेम और आशीर्वाद सदा प्राप्त हो। आमीन। शांति बुद्ध सम्राट, आपके द्वारा आयोजित इस भेंट के संबंध में क्या आप मुझसे कुछ और करवाना चाहते हैं? “नहीं।” क्या बुद्ध सम्राट सो हमारी भेंट के दौरान और उसके बाद प्रसन्न हैं? “हाँ, निस्संदेह।” तो ठीक है। क्या कोई और बुद्ध सम्राट हैं, जिनसे आप अभी मुझे मिलवाना चाहते हैं? हाँ या नहीं? “नहीं।” तो किसी बुद्ध सम्राट से अगली भेंट कब होगी? ताकि मैं तैयार रहूँ। “दो दिन बाद।” अर्थात परसों। “हाँ।” और सुबह, दोपहर या रात में? “सुबह।” क्या मैं उस बुद्ध सम्राट का नाम जान सकती हूँ, जो मुझसे मिलने आएँगे? “अगले अतिथि महामहिम बुद्ध सम्राट यो, वाई-ओ—होंगे। बुद्ध सम्राट यो, दू—डी-यू—देश से हैं।” शांति बुद्ध सम्राट, आपकी सारी कृपा के लिए धन्यवाद। हम फिर बात करेंगे। मुझे याद दिला दीजिएगा। पहले से मुझे याद दिलाएँ या जो भी संभव हो करें, ताकि मैं भूल न जाऊँ। धन्यवाद। वैसे, शांति बुद्ध सम्राट, क्या आप इस ग्रह पर आने वाले सभी बुद्ध सम्राटों से कह सकते हैं कि उनका यहाँ हार्दिक स्वागत है, वे जितना संभव हो उतना रुक सकते हैं और हम उन सभी से बहुत प्रेम करते हैं? मेरा आशय है कि इस संसार के नागरिक और मैं स्वयं उनसे बहुत प्रेम करते हैं और उनके अत्यंत आभारी हैं। इसी के साथ तीसरे बुद्ध सम्राट की यात्रा संपन्न होती है। धन्यवाद। इसमें सम्मिलित सभी लोगों का धन्यवाद। बुद्ध सम्राट सो की यात्रा के बाद पाँच संदेश मिले। पहला संदेश परम शक्तिशाली संयुक्त ट्रिनिटी से है। केवल एक वाक्य: “शांति आ गई है।” दूसरा संदेश मेरी निजी सुरक्षा के संबंध में शांति बुद्ध सम्राट से है। तीसरा संदेश मापा से है: “प्यारी बेटी, हमने अच्छा किया। कोई चूक नहीं हुई।” धन्यवाद, प्रभु। परमेश्वर, आपसे प्रेम है। मापा, आपसे प्रेम है। चौथा संदेश शांति बुद्ध सम्राट से है: “मास्टर, संसार के लोग आपकी पूजा कर रहे हैं।” मेरी कामना है कि संसार के लोग इसके बजाय परमेश्वर की पूजा करें— परमेश्वर की आराधना करें, परमेश्वर से प्रेम करें, परमेश्वर की आज्ञा मानें, परमेश्वर की स्तुति करें और परमेश्वर का धन्यवाद दें। इस ग्रह के सभी प्राणियों की ओर से—उनमें से अधिकतर इतने अज्ञानी हैं कि आपको पहचानते नहीं—मुझे क्षमा करें, परमपिता। पाँचवाँ संदेश शांति बुद्ध सम्राट से है: “शांति सुनिश्चित हो गई है।” मेरे प्रिय, शांति की स्थिति पर नज़र रखने और मुझे सूचना देने के लिए धन्यवाद। धन्यवाद। Photo Caption: “उज्ज्वल और आशापूर्ण दिन के लिए वसंत की बहार हृदय से निकले आपके गीत को चूमती है”











